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इस रबी सीजन में किसान काले गेहूं की खेती से अच्छी-खासी आय कर सकते हैं

इस रबी सीजन में किसान काले गेहूं की खेती से अच्छी-खासी आय कर सकते हैं

जैसा कि हम सब जानते हैं, कि से कुछ दिन के उपरांत अक्टूबर का महीना शुरू हो जाएगा। अक्टूबर के महीने में रबी के फसल की बुवाई होना आरंभ हो जाती है। ऐसी स्थिति में अगर आप एक किसान हैं तो यह आपके लिए आवश्यक खबर है। क्योंकि आज हम आपको गेहूं की ऐसी फसल की बुवाई के विषय में बता रहे हैं, जिसमें आप कम लागत में चार गुना ज्यादा मुनाफा कमाएंगे। भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है, क्योंकि यहां 70% किसान हैं। भारत के भिन्न भिन्न हिस्सों में भिन्न भिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। फसलों की बेहतरीन पैदावार और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समय-समय पर नये नये प्रयोग चलते रहते हैं, जिससे किसान भाई नवीन किस्म की खेती कर रहे हैं। खरीफ की फसल के कटाई की समयावधि आ गई है। अब किसान रबी की फसल की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसी स्थिति में आज हम आपको रबी के फसल में काले गेंहू की बुवाई के विषय में बता रहे हैं, जिसमें किसान कम खर्चे में ज्यादा मुनाफा कमाएंगे।

काले गेहूं की खेती की खासियत

यदि आप कृषक हैं और यह चाहते हैं कि आप ऐसे फसल बोएं जिससे कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो। ऐसे में आप रबी के मौसम में मतलब कि अक्टूबर-नवंबर में काले गेहूं की खेती करें। इस खेती की विशेषता यह है, कि इसमें लागत भी कम आती है और ये सामान्य गेहूं की अपेक्षा में चार गुना ज्यादा दाम पर बिकता है।

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काले गेहूं की बुवाई किस प्रकार की जाती है

काले गेहूं की खेती करने के लिए अक्टूबर और नवंबर का महीना सबसे उपयुक्त होता है। काले गेहूं की खेती के लिए भरपूर मात्रा में नमी होनी चाहिए। इसकी बुवाई के दौरान खेत में प्रति एकड़ 60 किलो डीएपी, 30 किलो यूरिया, 20 किलो पोटाश एवं 10 किलो जिंक का उपयोग करें। फसल की सिंचाई के पहले पहली बार 60 किलो यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से डालें।

काले गेंहू की सिंचाई

काले गेहूं की सिंचाई बुवाई के 21 दिन उपरांत करें। इसके पश्चात समय-समय पर नमी के हिसाब से सिंचाई करते रहें। बालियां निकलने के समय सिंचाई जरूर करें।

साधारण गेहूं और काले गेहूं में क्या फर्क है

काले गेहूं में एन्थोसाइनीन पिगमेंट की मात्रा ज्यादा मौजूद होती है। इसकी वजह से यह काला दिखाई देता है। इसमें एंथोसाइनिन की मात्रा 40 से 140 पीपीएम होती है। लेकिन, सफेद गेहूं में मात्र 5 से 15 पीपीएम होती है।

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काले गेहूं के क्या-क्या लाभ हैं

काले गेहूं में एंथ्रोसाइनीन मतलब नेचुरल एंटी ऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो डायबिटीज, मानसिक तनाव, घुटनों में दर्द, एनीमिया, हार्ट अटैक और कैंसर जैसे रोगों को खत्म करने में कामयाब होता है। काले गेहूं में बहुत सारे औषधीय गुण विघमान है, जिसकी वजह से बाजार में इसकी काफी माँग है और उसके अनुरूप कीमत भी है।
काले गेहूं की खेती से कृषक अपनी आय किस प्रकार बढाऐं

काले गेहूं की खेती से कृषक अपनी आय किस प्रकार बढाऐं

काले गेहूं की खेती कृषकों की आय को बढ़ाने के साथ में यह सेहत के लिए भी काफी लाभकारी है। अगर हम काले गेंहू के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों की बात करें तो यह बहुत सारे रोग जैसे कि कैंसर, शुगर, रक्तचाप एवं अन्य विभिन्न रोगों से व्यक्ति को फायदा मिलता है। इसकी मुख्य वजह यह है, कि काले गेंहू के अंदर विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व विघमान होते हैं। काले गेहूं का उत्पादन कई वर्षों से किया जा रहा है। साथ ही, काले गेहूं में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व विघमान होते हैं। इन पोषक तत्वों में विटामिन, खनिज, जिंक, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, अमीनो एसिड, कॉपर, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और प्रोटीन इत्यादि विघमान होते हैं। काले गेहूं के अंदर इन समस्त पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा उपस्थित होती है। बतादें, कि काले गेहूं को संपूर्ण अनाज भी माना जाता है। यदि व्यक्ति काले गेहूं से निर्मित रोटी का सेवन करता है, तो वह मधुमेह, रक्तचाप, हृदय रोगियों, कैंसर, शुगर और अन्य कई बीमारियों से काफी अलग होता है। भारत में काले गेहूं की खेती सबसे ज्यादा उत्तर पूर्वी राज्यों में की जाती है। गेहूं की खेती में यह प्रजाति किसानों को सर्वाधिक मुनाफा देती है।

काले गेहूं का सेवन करने से होने वाले लाभ

हृदय संबंधी फायदे क्या-क्या हैं

किसान भाइयों यदि आप काले गेहूं से निर्मित रोटी का सेवन करते हैं, तो आपको हृदय रोग का संकट काफी कम होगा। क्योंकि यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य बनाए रखने में सहायता करता है।

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काले गेंहू का सेवन मधुमेह में लाभकारी होता है

काला गेहूं एंथोसायनिन मधुमेह के रोगियों के ब्लड शुगर, मेटाबॉलिज्म में तीव्रता के साथ सुधार करता है। यदि डायबिटीज रोगी नियमित तौर पर काले गेहूं के उत्पादों का सेवन करते हैं, तो वह उनके लिए काफी लाभकारी साबित होगा।


 

काला गेंहू कैंसर के लिए काफी फायदेमंद होता है

काले गेहूं के एक शोध में पता चला है, कि इसमें कैंसर रोधी गुण विघमान रहते हैं, जो डीएनए के नुकसान से स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। साथ ही, यह कैंसर की कोशिकाओं को फैलने से रोकती है।

जानें काले गेहूं की सम्पूर्ण जानकारी, काले गेहूं की क्या है खासियत ?

जानें काले गेहूं की सम्पूर्ण जानकारी, काले गेहूं की क्या है खासियत ?

काले गेहूँ की खेती भी आमतौर पर बोये जानें वाले सामान्य गेहूँ की तरह ही की जाति है। काले गेहूँ की खेती मुख्यत: उत्तर प्रदेश ,राजस्थान ,पंजाब ,हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में की जाती है। बाजार में इसकी कीमत 7000 -8000 रुपए प्रति क्विंटल रहती है। किसान ज्यादातर पारम्परिक खेती की और ध्यान देते है। लेकिन इसी बीच किसानो द्वारा काले गेहूँ की बुवाई पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है , क्योंकि किसान काले गेहूँ की खेती से अच्छे मुनाफा कमा सकता है।

सामान्य गेहूँ की तुलना में काले गेहूँ में 60% अधिक लोह पाया गया है। साथ ही इसमें एंथोसायनिन की अधिक मात्रा पायी जाती है , जिसकी वजह से इस गेहूँ का रंग काला होता है।  काला गेहूँ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। काला गेहूँ , गेहूँ की एक ऐसी किस्म है जो पोषक तत्वों के साथ साथ खनिजों से भी भरपूर है। 

काला गेहूँ क्या है ?

काला गेहूँ साबुत अनाज की जगह एक प्रकार के बीज होते है ,जिसका उपयोग भोजन के रूप में किया जाता है। काले गेहूँ की मुख्य खासियत यह है , यह सामान्य गेहूँ की तरह घास पर नहीं उगता है।  यह सामान्य कोशिकाओं वाले किनोआ के समूह में सम्मिलित है। काला गेहूँ ब्लैक वॉट एथोसायनिन से भरपूर माना जाता है। 

काला गेहूँ औषधीय गुणों से भरपूर है 

काले गेहूँ में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण पाए जाते है , जो स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक माने जाते है। काले गेहूँ की खेती सामान्य गेहूँ की खेती के जैसे ही की जाती है ,लेकिन बाद में बालियां का रंग पकने पर काला पड जाता है। काले गेहूँ का आटा पिसने पर लगभग चने के सत्तू की तरह दिखाई पड़ता है।  इसका उपयोग मैदे के स्थान पर भी किया जा रहा है , साथ ही इससे बहुत से बिस्कुट आदि भी बनाये जा रहे है। इसी कारण बाजार में इसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। यह शरीर को बहुत सी बीमारियों से बचाता है और स्वास्थ्य को भी स्वस्थ रखता है। 

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काले गेहूँ का बाजार भाव 

काला गेहूँ सामान्य गेहूँ की तुलना में महंगा होता है।  इसका बाजार भाव भी सफ़ेद गेहूँ की तुलना में अधिक है।  काले गेहूँ का बाजार भाव 7000 - 8000 रुपए प्रति क्विंटल है।  यह गेहूँ की किस्म किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हुई है।  इसकी खेती से किसान ज्यादा मुनाफा कमा सकते है। बड़े शहरों में काले गेहूँ की कीमत 10 -12 हजार रुपए प्रति क्विंटल है।  

काला गेहूँ है स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी जानें कैसे 

काले गेहूँ में कुदरती बहुत से ऐसे तत्व पाए जाते है , जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते है।  काले गेहूँ के अंदर शुगर की मात्रा बहुत कम पायी जाती है , इस गेहूँ का सेवन मधुमेह के रोगी भी कर सकते है। साथ ही ये मानसिक तनाव और अन्य बीमारियों में भी राहत प्रदान करता है। 

दिल के रोगो से दूर रखता है 

काले गेहूँ का ज्यादातर सेवन दिल के रोगियों द्वारा किया जाता है , क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में मैग्नेसियम पाया जाता है जो कैलेस्ट्रोल को कम करता है। कैलेस्ट्रोल के ज्यादा बढ़ने पर दिल से जुडी बहुत से बीमारियां हो सकती है , जैसे दिल के दोहरे पड़ना , हार्ट अटैक होना आदि सभी परेशानियों से दूर रहने के लिए हम काले गेहूँ का उपयोग कर सकते है। काला गेहूँ शरीर के अंदर कैलेस्ट्रोल का सामान्य स्तर बनाये रखता है।  

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कब्ज से राहत दिलाने में है फायदेमंद 

काले गेहूँ का उपयोग कब्ज से राहत पाने के लिए भी किया जाता है। यह पाचन किर्या को स्वस्थ बनाये रखता है और शरीर में बनने वाली गैस और कब्ज को दूर रखता है। जिन लोगों को पेट से जुडी कोई भी परेशानी है वो काले गेहूँ का सेवन कर सकते है , इन रोगों में गेहूँ फायदेमंद साबित होता है। काले गेहूँ का रोजाना सेवन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलता है। 

एनीमिया (रक्त की कमी) को दूर करता है 

काले गेहूँ में प्रचुर मात्रा में फाइबर , मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते है। काले गेहूँ की रोटी का रोजाना सेवन करें। काला गेहूँ शरीर के अंदर होने वाली रक्त की कमी को दूर करता है। साथ ही ये शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को भी संतुलित बनाये रखता है। 

तनाव से बचाव करता है 

शोध के अनुसार सामने आया है, कि काला गेहूँ तनाव जैसी समस्याओं को दूर करने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता है। यह तनाव जैसे भयानक बीमारी को दूर करने में सहायक है। काले गेहूँ का सेवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर और उपयोगी बताया गया है। 

काले गेहूँ की खेती बहुत ही फायदेमंद और लाभकारी साबित हुई है,  इसकी बुवाई के लिए किसानो में होड़ लगी हुई है। किसान उच्च दामों पर भी काले गेहूँ के बीज को खरीदने के लिए तैयार है। क्योंकि किसान काले गेहूँ का उत्पादन कर ज्यादा मुनाफा कमा रहे है। काले गेहूँ का उपयोग बहुत सी बीमारियों में छुटकारा पाने के लिए भी किया जा रहा है, जैसे नेत्र रोग, मोटापा साथ ही इसका उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों में राहत पाने के लिए किया जा रहा है।